Daily Archives: જાન્યુઆરી 29, 2013

दिल-ए-दागदार में। /बहादुर शाह ज़फर

  20th Mughal Emperor

ईद का दिन है गले आज तो मिल ले जालिम,
रस्म-ऐ-दुनिया भी है, मौका भी है, दस्तूर भी है।
कह दो इन हसरतों को कहीं और जा बसें,
इतनी जगह कहाँ है दिल-ए-दागदार में।

उमर-ऐ-दराज मांग कर लाये थे चार दिन,
दो आरजू में कट गए, दो इंतजार में।

बहादुर शाह ज़फर

 

 

 

 

 

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