पावन पर्व श्री कृष्ण जन्माष्टमी/श्री कृष्णम शरणम ममસદા રહો ઐક્ય ઉર-મનનું ,/અજ્ઞાત

|| श्री कृष्ण शरणं मम ||

 000000          “जीवन सार्थक करने का पावन पर्व श्री कृष्ण जन्माष्टमी “

 हमारे वेदों में चार रात्रियों का विशेष महातव्य बताया गया है दीपावली जिसे कालरात्रि कहते है,शिवरात्रि महारात्रि है,श्री कृष्ण जन्माष्टमी मोहरात्रि और होली अहोरात्रि है| जिनके जन्म के सैंयोग मात्र से बंदी गृह के सभी बंधन स्वत: ही खुल गए, सभी पहरेदार घोर निद्रा में चले गए, माँ यमुना जिनके चरण स्पर्श करने को आतुर हो उठी, उस भगवान श्री कृष्ण को सम्पूर्ण श्रृष्टि को मोह लेने वाला अवतार माना  गया है | इसी कारण वश जन्माष्टमी की रात्रि को मोहरात्रि कहा गया है। | इस रात में योगेश्वर श्रीकृष्ण का ध्यान, नाम अथवा मंत्र जपते हुए जगने से संसार की मोह-माया से आसक्ति हटती है। जन्माष्टमी का व्रत “व्रतराज” कहा गया है। इसके सविधि पालन से प्राणी अनेक व्रतों से प्राप्त होने वाली महान पुण्य राशि प्राप्त कर सकते है |

योगेश्वर कृष्ण के भगवद गीता के उपदेश अनादि काल से जनमानस के लिए जीवन दर्शन प्रस्तुत करते रहे हैं। जन्माष्टमी भारत में हीं नहीं बल्कि विदेशों में बसे भारतीय भी पूरी आस्था व उल्लास से मनाते हैं। ब्रजमंडल में श्री कृष्णाष्टमी “नंद-महोत्सव” अर्थात् “दधिकांदौ श्रीकृष्ण” के जन्म उत्सव का दृश्य बड़ा ही दुर्लभ होता है   http://www.sachchidanandji.org/cgi-bin/playlect.cgi?../SATLECT/mp3ss1128.htm:SATLECT   2

 

પ્રભો! બસ એટલું યાચું :  સદા રહો ઐક્ય ઉર-મનનું ,

સદા હૈયું રહો નિર્ભર તમારા પ્રેમપૂજનનું.

જીવનની દોટમાં મારે  હજો ના ખેવના ઝાઝી ,

રહું થઈ આપના ઉરની  અટારી નેહ-નિર્ઝરતી .

પગે જો શૃંખલા કોઈ   હજો તવ પ્રેમની બેડી,

હટું ક્ષણભર નહીં તુજથી  ગ્રહી મનમોજ આ ભવની .

હજો ના હેરતો ગમની ,  સ્વીકારું સૌ બની તારો ,

તૃષા હો ના જકડતી આ  ભભકતી મોજની ઉરને .

રહું ઉરસ્થૈર્યને પીતો  વિના થઈ હું ગગનગામી ,

પળેપળ આપની કોમળ  સ્મૃતિને ચૂમતો રાહી

1 Comment

Filed under અધ્યાત્મ, કાવ્ય

One response to “पावन पर्व श्री कृष्ण जन्माष्टमी/श्री कृष्णम शरणम ममસદા રહો ઐક્ય ઉર-મનનું ,/અજ્ઞાત

  1. Bahuj saras. Vachine je atyarsudhi nahotu samjayu te have samajma avava lagyu.

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s