આંતરરાષ્ટ્રીય મહિલા દિન

  સયુંક્ત રાષ્ટ્રસંઘ, દ્વારા સમગ્ર વિશ્વમાં આંતરરાષ્ટ્રીય મહિલા દિન દર વર્ષે ૮મી માર્ચના દિવસે મનાવવામાં આવે છે. આ દિવસ ઉજવવા પાછળનો હેતુ વિશ્વની અડધી જનસંખ્યા એટલે કે નારીના ઉત્કર્ષ માટે લોકજાગૃતિ લાવવાનો છે.

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शायद यही है हम सबकी रोज की कहानी..

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कल मैं दुकान से जल्दी घर चला आया। आम तौर पर रात में 10 बजे के बाद आता हूं, कल 8 बजे ही चला आया।

 

सोचा था घर जाकर थोड़ी देर पत्नी से बातें करूंगा, फिर कहूंगा कि कहीं बाहर खाना खाने चलते हैं।  

बहुत साल पहले, हम ऐसा कियाकरते थे।

 

घर आया तो पत्नी टीवी देख रही थी। मुझे लगा कि जब तक वो ये वाला सीरियल देख रही है, मैं कम्यूटर पर कुछ मेल चेक कर लूं। मैं मेल चेक करने लगा,   कुछ देर बाद पत्नी चाय लेकर आई, तो मैं चाय पीता हुआ दुकान  के काम करने लगा।

 

अब मन में था कि पत्नी के साथ बैठ कर बातें करूंगा, फिर खाना खाने बाहर जाऊंगा, पर कब 8 से 11 बज गए,

पता ही नहीं चला।

 

पत्नी ने वहीं टेबल पर खाना लगा दिया, मैं चुपचाप खाना खाने लगा। खाना खाते हुए मैंने कहा कि खा कर हम लोग नीचे टहलने चलेंगे, गप करेंगे। पत्नी खुश हो गई।

 

हम खाना खाते रहे, इस बीच मेरी पसंद का सीरियल  आने लगी और मैं खाते-खाते सीरियल में डूब गया।  सीरियल देखते हुए सोफा पर ही मैं सो गया था।

 

जब नींद खुली तब आधी रात हो चुकी थी।

बहुत अफसोस हुआ।  मन में सोच कर घर आया था कि जल्दी आने का फायदा उठाते हुए आज कुछ समय पत्नी के साथ बिताऊंगा। पर यहां तो शाम तो क्या आधी रात भी निकल गई।

*

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***

ऐसा ही होता है, ज़िंदगी में। हम सोचते कुछ हैं, होता कुछ है।हम सोचते हैं कि एक दिन हम जी लेंगे, पर हम कभी नहीं जीते। हम सोचते हैं कि एक दिन ये कर लेंगे, पर नहीं कर पाते।

आधी रात को सोफे से उठा, हाथ मुंह धो कर बिस्तर पर आया तो पत्नी सारा दिन के काम से थकी हुई सो गई थी। मैं चुपचाप बेडरूम में कुर्सी पर बैठ कर सोचने लगा… 

*

**

***

पच्चीस साल पहले इस लड़की से मैं पहली बार मिला था। पीले रंग के पंजाबी शूट में मुझे मिली थी। फिर मैने उससे शादी की थी। मैंने वादा किया था उससे कि सुख में, दुख में ज़िंदगी के हर मोड़ पर मैं उसके  साथ रहूंगा।

पर ये कैसा साथ?  

मैं सुबह जागता हूं अपने काम में व्यस्त हो जाता हूं।

वो सुबह जागती है मेरे लिए चाय बनाती है।  

चाय पीकर मैं कम्यूटर पर संसार से जुड़ जाता हूं,

और

वो नाश्ते की तैयारी करती है। फिर हम दोनों दुकान के काम में लग जाते हैं, मैं दुकान के लिए तैयार होता हूं, वो साथ में मेरे लंच का इंतज़ाम करती है। फिर हम दोनों भविष्य के काम में लग जाते हैं।

 

मैं एकबार दुकान चला गया, तो इसी बात में अपनी शान समझता हूं कि मेरे बिना मेरा दुकान का काम नहीं चलता, वो अपना काम करके डिनर की तैयारी करती है।

 

देर रात मैं घर आता हूं और खाना खाते हुए ही निढाल हो जाता हूं।एक पूरा दिन खर्च हो जाता है, जीने की तैयारी में।

 

वो पंजाबी शूट वाली लड़की मुझ से कभी शिकायत नहीं करती। क्यों नहीं करती मैं नहीं जानता। पर मुझे खुद से शिकायत है।  आदमी जिससे सबसे ज्यादा प्यार करता है,सबसे कम उसी की परवाह करता है। क्यों?

कई दफा लगता है कि हम खुद के लिए अब काम नहीं करते। हम किसी अज्ञात भय से लड़ने के लिए काम करते हैं। हम जीने के पीछे ज़िंदगी बर्बाद करते हैं।

 

कल से मैं सोच रहा हूं, वो कौन सा दिन होगा जब हम जीना शुरू करेंगे।

क्या हम गाड़ी, टीवी, फोन, कम्यूटर, कपड़े

खरीदने के लिए जी रहे हैं?

 

मैं तो सोच ही रहा हूं, आप भी सोचिए कि ज़िंदगी बहुत छोटी होती है। उसे यूं जाया मत कीजिए।

अपने प्यार को पहचानिए। उसके साथ समय बिताइए।

जिसने अपने माँ-बाप भाई-बहन सगे-संबंधी सब को छोड़ आप से रिश्ता जोड़ आपके सुख-दुख में शामिल होने का वादा किया उसके सुख-दुख को पूछिए तो सही।

 

एक दिन अफसोस करने से बेहतर है, सच को आज ही समझ लेना कि…ज़िंदगी मुट्ठी में रेत की तरह होती है।

कब मुट्ठी से वो निकल जाएगी, पता भी नहीं चलेगा।

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 —

mhthaker


           ભારત દેશ અને એમાં ગુજરાત રાજ્યમાં પણ સરકાર કન્યા કેળવણી અભિયાન, બેટી બચાવો અભિયાન, સ્ત્રી ભ્રૂણહત્યા નિવારણ જેવા પ્રયાસ આદરી નારીઓના ઉત્થાનમાં યોગદાન કરી રહેલ છે. આ અંગે સુ શ્રી યામિની વ્યાસના પ્રયાસો

‘The Dezart Flower’ – (Yamini Vyas) Dt. 10-6-2015 – YouTube

https://www.youtube.com/watch?v=G08yZUzzFuA
Jun 24, 2015 – Uploaded by Janak Naik

નર્મદ સાહિત્ય સભા અને ગુજરાતી સાહિત્ય પરિષદના ઉપક્રમે સુપર મોડેલ અને જેમ્સ બોન્ડની હિરોઈન વારિસ …

૨  Yamini 1 – YouTube

https://www.youtube.com/watch?v=soyvAFVBEy4
Aug 17, 2015 – Uploaded by Suresh Jani

શ્રીમતિ યામિની વ્યાસ લિખિત કાવ્ય – ‘બેટી બચાઓ’ અભિયાનના સમર્થનમાં અને લઘુ નાટિકા ‘ જરા થોભો’ ના એક ભાગ રૂપ. કવયિત્રી – યામિની વ્યાસ

3

tu mane etali badhi kai gamey-તું મને એટલી … – YouTube

https://www.youtube.com/watch?v=9NiIBEn2tM8
Aug 18, 2015 – Uploaded by tia joshi

Composer : Shaunak Pandya Poet : Yamini Gaurang Vyas Album : Anya ——-

1 Comment

Filed under ઘટના, યામિની વ્યાસ

One response to “આંતરરાષ્ટ્રીય મહિલા દિન

  1. સૌ મહિલાઓને વંદન – ખાસ મારી પત્નીને!

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