Daily Archives: ડિસેમ્બર 8, 2018

अमारी ६२ मी अने चि यामिनीनी ३५ मी लग्नतीथि प्रवेशे…आप सौना आशीस -शुभेच्छाओनी कामना

 

 Dec 8th 1957  &  Dec 8th 1984  Let us be grateful to people who make us they are the charming gardeners who make ur souls blossom 

 

हे परम प्रियतम पूर्णतम पूरुषोत्तम श्री कृष्ण! तुमसे विमुख होने के कारण अनादिकाल से हमने अनंतानंत दुख पाये एवं पा रहे हैं। पाप करते करते अंत:करण इतना मलिन हो चुका है कि रसिकों द्वारा यह जानने पर भी कि तुम अपनी भुजाओं को पसारे अपनी वात्सल्यमयी दृष्टि से हमारी प्रतीक्षा कर रहे हो, तुम्हारी शरण में नहीं आ पाता।
हे अशरण शरण! तुम्हारी कृपा के बिना तुम्हें कोई जान भी तो नहीं सकता।ऐसी स्थिति मेँ,हे अकारण करुण! पतितपावन श्रीकृष्ण! तुम अपनी अहैतुकी कृपा से ही हमको अपना लो। हे करुणा सागर! हम भुक्ति-मुक्ति आदि कुछ नहीं मांगते ,हमें तो केवल तुम्हारे निष्काम प्रेम की ही एकमात्र चाह है।
हे नाथ! अपने विरद की और देखकर इस अधम को निराश न करो। हे जीवनधन! अब बहुत हो चुका,अब तो तुम्हारे प्रेम के बिना यह जीवन मृत्यु से भी अधिक भयानक है।Related image

अतएव:
प्रेम भिक्षां देहि, प्रेम भिक्षां देहि, प्रेम भिक्षां देहि।

 

 

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